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इंदौर। मिडिल एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट की आंच अब इंदौर तक पहुंच गई। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच मंगलवार को शहर में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें तेजी से फैलीं और देखते ही देखते तेजाजी नगर सहित लगभग पूरे शहर के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि वास्तविकता में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रही, लेकिन अफवाहों ने आमजन में अनावश्यक घबराहट और बेचैनी पैदा कर दी।
सुबह से ही उमड़ी भीड़, कई जगह बनी अव्यवस्था
सुबह होते ही तेजाजी नगर, विजय नगर, भंवरकुआं, राजेंद्र नगर और शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन तक, हर कोई पंप पर पहुंचकर टैंक फुल कराने की होड़ में दिखा। कई लोग न केवल अपने वाहनों में ईंधन भरवा रहे थे, बल्कि अतिरिक्त कनस्तरों में भी डीजल-पेट्रोल भरवाने की कोशिश करते नजर आए। इससे कई पंपों पर अस्थायी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई और वाहनों की कतारें सड़क तक फैल गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
पहले भी फैल चुकी हैं ऐसी अफवाहें
यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह की अफवाहों ने शहरों में अफरा-तफरी मचाई हो। इससे पहले गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में भी इसी तरह की अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ने की खबरें सामने आ चुकी हैं। मध्यप्रदेश के रतलाम में भी यही हाल देखने को मिला था। अब इस सिलसिले की आंच इंदौर तक पहुंच गई है। जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली भ्रामक खबरें इस तरह की सामूहिक घबराहट की सबसे बड़ी वजह बन रही हैं।
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प्रशासन ने की स्थिति स्पष्ट आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
जिला प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति स्पष्ट की। जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने स्पष्ट रूप से कहा कि इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी डिपो और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से जारी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर कतई ध्यान न दें और घबराहट में ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि ऐसा करने से वास्तविक कमी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
भ्रामक जानकारी फैलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से भ्रामक और भ्रांतिपूर्ण जानकारी फैलाकर जनमानस में घबराहट पैदा करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी खबर को आगे साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें और केवल सरकारी व अधिकृत स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

