इंदौर के इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में भीषण आग, पड़ोसियों ने रस्सी और सीढ़ी की मदद से बचाई 20 से ज्यादा लोगों की जान

इंदौर। शहर के स्कीम-136 स्थित एक आवासीय अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर बने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शोरूम में शुक्रवार सुबह भीषण आग लग गई। आग और धुएं की वजह से ऊपर की दो मंजिलों पर रहने वाले छह परिवारों के 20 से अधिक लोग फंस गए। हालांकि, पड़ोसियों की सूझबूझ और तत्परता के चलते सभी को सीढ़ी और रस्सियों के सहारे सुरक्षित निकाल लिया गया। इस घटना में शोरूम में रखे सभी दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

धुएं से घुटी सांस तो खुली नींद
​घटना सुबह करीब सवा आठ बजे की है। उस समय शोरूम बंद था और ऊपर के फ्लैट्स में परिवार के सदस्य सो रहे थे। जैसे ही आग भड़की, उसका धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों में भरने लगा, जिससे रहवासियों की नींद खुली। घबराहट में जब उन्होंने नीचे झांककर देखा, तो शोरूम धू-धू कर जल रहा था। आग की वजह से सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह घिर चुका था और नीचे उतरने का कोई विकल्प नहीं बचा था।

पड़ोसियों ने दिखाई देवदूत जैसी फुर्ती
​इस विकट स्थिति में अपार्टमेंट से सटी दूसरी मल्टी में रहने वाले लोग मदद के लिए आगे आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसियों ने फंसे हुए लोगों को तुरंत छत पर जाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने अपने घरों से रस्सियां और सीढ़ियां लाकर मुंडेर पर लगा दीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। स्थानीय रहवासी श्याम दुबे ने बताया कि उन्होंने धुआं देखते ही सबसे पहले फायर ब्रिगेड को सूचना दी और फिर अन्य लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी नरेंद्र मंडेलिया भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से छत के रास्ते एक-एक कर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

शहर के होटलों और लॉज में भी सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी
​स्कीम-136 में आगजनी की इस घटना ने शहर की अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां यह बड़ा हादसा टल गया, वहीं शहर के तेजाजी नगर, अनुराधा नगर, उमरीखेड़ा और सिमरोल क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे होटल और लॉज संचालित हो रहे हैं जो किसी भी दिन बड़ी त्रासदी का केंद्र बन सकते हैं। इनमें से कई होटलों में संकरी गलियों के दोनों ओर कमरे बनाए गए हैं, लेकिन आगजनी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकांश स्थानों पर प्रवेश और निकास का मार्ग एक ही होने से दुर्घटना की स्थिति में लोगों के फंसने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

दिल्ली जैसी घटना इंदौर में भी हो सकती है: राम सिंह पटेल
​इस गंभीर विषय पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं किसान नेता राम सिंह पटेल ने हाल ही में दिल्ली में हुई आगजनी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को चेताया है। उन्होंने कहा कि इंदौर प्रशासन को तुरंत ऐसे होटलों की जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिनके पास अग्नि सुरक्षा के आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। केवल व्यावसायिक लाभ के लिए लोगों की जान जोखिम में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
​पटेल ने बताया कि प्रतिदिन इन होटलों में सैकड़ों लोग ठहरते हैं, लेकिन अधिकांश संचालकों ने सुरक्षा मानकों को कभी गंभीरता से नहीं लिया। यदि किसी होटल में आग लगने जैसी घटना हो जाए तो न तो लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने का पर्याप्त मार्ग है और न ही कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का कोई प्रशिक्षण दिया गया है। ऐसी स्थिति में दिल्ली जैसा दर्दनाक हादसा इंदौर में भी कभी घटित हो सकता है।
​उन्होंने स्थानीय प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि शहर के सभी होटल, लॉज और रेस्टोरेंट्स का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जिन प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र, फायर एनओसी, आपातकालीन निकास एवं सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। दिल्ली की त्रासदी और स्कीम-136 की घटना को चेतावनी मानते हुए इंदौर में समय रहते कड़े कदम उठाना बेहद आवश्यक है, ताकि किसी भी बड़े हादसे से पहले लोगों की अनमोल जान बचाई जा सके।